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हेमंत सोरेन की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में डिस्चार्ज याचिका खारिज, अदालत ने जारी रखी सुनवाई

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Mon, 08 Jun 2026 12:34 PM
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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए कोर्ट ने उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इस स्तर पर मामले को खारिज करने का आधार नहीं बनता।


यह मामला बड़गाईं अंचल के शांति नगर क्षेत्र में 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और कब्जे से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय इस मामले की जांच कर रहा है।


हेमंत सोरेन ने 5 दिसंबर 2025 को कोर्ट में डिस्चार्ज पिटीशन दाखिल कर कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और ईडी के पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं। उन्होंने इसे अनावश्यक कानूनी कार्रवाई बताया था।


कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी। अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी और जांच एजेंसी द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई होगी।


डिस्चार्ज पिटीशन क्या होती है  

डिस्चार्ज पिटीशन तब दाखिल की जाती है जब आरोपी का कहना हो कि उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं और मुकदमा आगे न बढ़ाया जाए। अगर कोर्ट आरोप तय कर देती है, तो सामान्यतः इस तरह की याचिका स्वीकार नहीं की जाती।

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