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PMCH प्राचार्य पर एक्शन के बाद बोले स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जांच में देंगे पक्ष रखने का मौका...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Sun, 28 Jun 2026 12:36 PM
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पटना: पीएमसीएच के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह पर कार्रवाई के बाद बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पहली बार बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 23 तारीख को वह पीएमसीएच के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे, लेकिन उस समय प्राचार्य अस्पताल में मौजूद नहीं थे।


उच्चस्तरीय जांच समिति गठित  

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति बनाने का आदेश दिया गया है। जांच के दौरान प्राचार्य को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। उनसे पूछा जाएगा कि निरीक्षण वाले दिन वे अस्पताल में क्यों नहीं थे।


पहले से थी दौरे की जानकारी  

निशांत कुमार ने कहा कि प्राचार्य को पहले से पता था कि वह निरीक्षण के लिए आने वाले हैं। इसके बावजूद वे अस्पताल नहीं पहुंचे। उन्होंने न तो छुट्टी ली और न ही अनुपस्थिति की कोई सूचना विभाग को दी।


मंत्री के मुताबिक 22 तारीख की शाम को ही पीएमसीएच के अधीक्षक ने प्राचार्य को दौरे की जानकारी दे दी थी। शाम करीब 7 बजे दोनों के बीच बातचीत भी हुई थी, जिसमें प्राचार्य ने अगले दिन अस्पताल में मौजूद रहने की बात कही थी। अधीक्षक ने उन्हें स्वागत कार्यक्रम और धन्यवाद ज्ञापन की जिम्मेदारी भी दी थी।


फोन तक नहीं उठाया  

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद कई बार प्राचार्य से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया जिनमें कहा गया था कि विभागीय सचिव से संपर्क नहीं हो सका।


लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई  

निशांत कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की नीति बिल्कुल साफ है। विभाग में किसी भी तरह की लापरवाही, कर्तव्यहीनता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर भविष्य में भी कोई अधिकारी या कर्मचारी ऐसी लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। 


उन्होंने कहा कि आगे भी राज्य के अलग अस्पतालों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा। सरकार की कोशिश है कि सभी अस्पतालों में व्यवस्थाएं ठीक रहें और मरीजों को बेहतर इलाज मिले।

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