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झारखंड राज्यसभा हार पर भड़के कांग्रेस नेता, आरजेडी पर लगाया धोखे का आरोप...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Sat, 20 Jun 2026 01:19 PM
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झारखंड राज्यसभा चुनाव में हार के बाद महागठबंधन में घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के युवा नेता और प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने आरजेडी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि बिहार विधानसभा और झारखंड राज्यसभा चुनाव में हमारे रहबर ने ही हमारे साथ रहजनी की।


असित नाथ तिवारी ने कहा कि यह सच्चाई है। पता नहीं किसके दबाव में हैं, किसके डर में हैं। केस मुकदमों का इतना डर हो गया है या कोई डील कर ली है, यह हम नहीं जानते। लेकिन यह तय है कि बिहार चुनाव में भी धोखा हुआ और झारखंड में भी वही हुआ। उन्होंने नाम लिए बिना आरजेडी पर निशाना साधा।


5 प्वाइंट में समझिए हार की वजह  

इंडिया ब्लॉक के पास दोनों सीटें जीतने के लिए 56 विधायकों का बहुमत था। जेएमएम उम्मीदवार आसानी से जीत गए लेकिन कांग्रेस के प्रणव झा 28 वोटों के मुकाबले सिर्फ 20 वोट पाकर एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी से हार गए।


कांग्रेस ने हार के लिए बीजेपी पर धनबल और खरीद फरोख्त का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस ने दावा किया कि उनके सभी विधायक एकजुट थे। हार के बाद इंडिया ब्लॉक में कलह मच गई है। कांग्रेस ने आरजेडी और सीपीआई एमएल पर धोखेबाजी का आरोप लगाया। दोनों दलों ने इसे खारिज करते हुए कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण की सलाह दी।


बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि विपक्ष ने जीत के मुंह से हार छीन ली। उन्होंने कहा कि सहयोगियों का यह विद्रोह दिखाता है कि राहुल गांधी का नेतृत्व अब सहयोगी दलों को मंजूर नहीं है।


बिहार में बढ़ा विवाद  

झारखंड के नतीजों के बाद बिहार में कांग्रेस और आरजेडी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता ने सहयोगी दल पर दगाबाजी का आरोप लगाया तो आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को उसकी औकात याद दिला दी।


मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि कांग्रेस के अपने विधायक नहीं संभलते और साथी दलों पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने असितनाथ तिवारी को छोटा नेता बताते हुए कहा कि मीडिया में बने रहने के लिए गलत बयानबाजी कर रहे हैं। बिहार में कांग्रेस की राजनीति आरजेडी के सहारे चलती है। अगर आरजेडी का समर्थन नहीं मिला तो खाता खुलना मुश्किल हो जाएगा।


आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस को गठबंधन धर्म का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दलों की अपनी अहमियत है। हमारे समर्थन से उनकी सीट निकलती है। आरजेडी की सीट कम हो सकती है लेकिन हमारे पास एक करोड़ 90 लाख वोट हैं। 


मृत्युंजय तिवारी ने यह भी याद दिलाया कि बिहार में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अपने छह विधायकों को भी नहीं संभाल पाई थी। तब असितनाथ तिवारी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी चले गए थे।

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