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यूपी 2027 चुनाव के लिए सपा की रणनीति तैयार, पीडीए फॉर्मूले के साथ 'जिताऊ उम्मीदवार' पर फोकस...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Fri, 12 Jun 2026 11:28 AM
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उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवार चयन की रणनीति साफ कर दी है। पार्टी पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक फॉर्मूले पर आगे बढ़ेगी और इसके साथ ही उम्मीदवार की जीत की क्षमता को भी आधार बनाएगी।


दो मापदंडों पर होगा चयन  

सपा सूत्रों के मुताबिक उम्मीदवार चुनने के लिए दो मुख्य मापदंड तय किए गए हैं। पहला, प्रत्याशी पीडीए समुदाय से जुड़ा हो और उस वर्ग का प्रतिनिधित्व करता हो। दूसरा, उसमें चुनाव जीतने की क्षमता हो।  


पार्टी नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनाई गई इसी रणनीति से सपा को फायदा मिला था, इसलिए विधानसभा चुनाव में भी इसी लाइन पर काम होगा।


150 सीटों के लिए लिस्ट तैयार  

उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया अब दूसरे चरण में है। करीब दो सप्ताह पहले चरण में 30 जिलों की 150 विधानसभा सीटों के लिए संभावित नामों की सूची तैयार हो चुकी है। पूरी स्क्रीनिंग जुलाई के दूसरे सप्ताह तक पूरी होने की संभावना है।  


सपा इस बार अनारक्षित सीटों पर भी दलित उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है, जैसा लोकसभा चुनाव में किया गया था। हालांकि अंतिम फैसला चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।


जिलेवार बैठक और ओपन हाउस सेशन  

टिकट बंटवारे के लिए पार्टी जिलेवार बैठकें कर रही है। इसमें टिकट के दावेदार और जिला इकाई के पदाधिकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेताओं के सामने अपनी बात रखते हैं। दावेदार जीत का रोडमैप बताते हैं और जिला इकाई हर उम्मीदवार पर अपना आकलन पेश करती है।  


पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी उदयवीर सिंह का कहना है कि जीत की क्षमता के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि उम्मीदवार पीडीए की भावना के अनुरूप हो और उस आबादी का सही प्रतिनिधित्व करे।

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