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यूपी में गर्मी के बीच बिजली सप्लाई पर सियासी तकरार, सरकार और सपा आमने-सामने...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Thu, 28 May 2026 10:44 AM
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उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति और कटौती को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने भाजपा विधायकों द्वारा ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र लिखे जाने पर सवाल उठाए, जबकि सरकार की ओर से पलटवार किया गया।  


ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि राज्य में रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव को अपने कार्यकाल की स्थिति देखने की सलाह दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले पर मोर्चा संभाला और कहा कि सपा सरकार के समय बिजली की स्थिति ऐसी थी कि लोग तारों पर कपड़े सुखाते थे। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा।  


आंकड़ों में बिजली आपूर्ति का तुलनात्मक हाल  

2012 से 2017 के बीच सपा सरकार के दौरान राज्य में पीक डिमांड 12,000 से 13,000 मेगावाट के आसपास रहती थी। उस समय गर्मियों में कई जिलों में 25-26% तक बिजली का शॉर्टफॉल दर्ज किया जाता था।  


योगी सरकार के कार्यकाल में मांग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। मई 2026 में पीक डिमांड 29,330 मेगावाट तक पहुंच गई, जो 2017 से पहले के स्तर से दोगुनी से अधिक है। सामान्य दिनों में राज्य में औसत खपत 50-60 करोड़ यूनिट रहती है, जबकि गर्मियों में यह बढ़कर 66 करोड़ यूनिट प्रतिदिन हो जाती है। सरकार के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली देने का रोस्टर लागू है।  


बयानबाजी की वजह  

इस समय यूपी में गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर है। लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और आगरा सहित कई शहरों में अघोषित कटौती और ट्रांसफार्मर फॉल्ट की शिकायतें सामने आई हैं। इसे लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा है।  


बिजली संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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