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झारखंड: राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा में हलचल, निशा उरांव और अर्जुन मुंडा के नाम चर्चा में...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Thu, 28 May 2026 10:47 AM
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झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि इस बार पार्टी अपना अधिकृत उम्मीदवार उतारेगी और किसी निर्दलीय को समर्थन नहीं दिया जाएगा।  


उम्मीदवारों को लेकर चल रही चर्चाओं में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी निशा उरांव के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। निशा उरांव कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव की बेटी हैं और इन दिनों धर्मांतरण, डिलिस्टिंग और आदिवासी परंपरा से जुड़े मुद्दों पर मुखर रही हैं।  


पेसा कानून की नियमावली को लेकर निशा उरांव ने आदिवासी संगठनों के साथ मिलकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा था और कई जिलों में जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने धर्मांतरण को आदिवासी संस्कृति और परंपरा के लिए चुनौती बताया और भाजपा की नीतियों के अनुरूप डिलिस्टिंग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि जो आदिवासी धर्म बदलकर ईसाई या मुस्लिम बन चुके हैं, उनका अनुसूचित जनजाति का दर्जा समाप्त किया जाए।  


हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित जनजातीय समागम में भी निशा उरांव ने हिस्सा लिया और सरना आदिवासियों को हिंदू और सनातन परंपरा से जोड़ने वाली भाजपा की नीतियों का समर्थन किया।  


राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पास 21 विधायक हैं और एनडीए के तीन विधायकों का समर्थन मिल सकता है। 28 वोटों की पहली वरीयता के लिए पार्टी को सत्ता पक्ष के कुछ विधायकों के समर्थन की.

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