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झारखंड राज्यसभा चुनाव: बिहार फॉर्मूले से दूसरी सीट जीतने की जुगत में जुटी भाजपा...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Tue, 26 May 2026 01:15 PM
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झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। महागठबंधन के पास संख्या बल अधिक होने के बावजूद भाजपा रणनीतिकार बिहार के फॉर्मूले से दूसरी सीट पर भी दांव खेलने की तैयारी में जुटे हैं।


बिहार में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में एनडीए चार सीटों पर जीत के गणित में फिट था, जबकि एक सीट पर राजद मजबूत स्थिति में था। इसके बावजूद भाजपा ने पांचवां उम्मीदवार उतारकर तीन कांग्रेस और एक राजद विधायक की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए सीट निकाल ली थी।


झारखंड में आंकड़ा अलग है। विधानसभा में भाजपा के पास 21, आजसू, जदयू और लोजपा (आर) के एक-एक विधायक मिलाकर कुल 24 विधायक हैं। वहीं महागठबंधन के पास झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और माले के 2 विधायक हैं, यानी कुल 56। एक राज्यसभा सीट के लिए 28 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्या है, जबकि भाजपा को जीत के लिए चार अतिरिक्त विधायकों की जरूरत है।


भाजपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी कांग्रेस और राजद के कुछ विधायकों से संपर्क में है। रणनीति के तहत उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में उतारा जा सकता है, ताकि क्रॉस वोटिंग या अनुपस्थिति के जरिए गणित बदला जा सके। चर्चा है कि भाजपा उद्योगपति परिमल नाथवाणी या उनके पुत्र को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतार सकती है।


राजनीतिक गलियारों में कहा जा रहा है कि अगर भाजपा चार विधायकों को अपने पक्ष में करने या मतदान से अनुपस्थित रखने में सफल रहती है, तो झारखंड में भी बिहार जैसा परिणाम दोहराया जा सकता है।

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