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2027 चुनाव से पहले अखिलेश यादव के 'पीडीए ऑडिट' पर पंकज चौधरी का पलटवार...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Thu, 21 May 2026 11:21 AM
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 'पीडीए ऑडिट' जारी कर योगी सरकार और भाजपा पर हमला बोला था। अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इसका करारा जवाब दिया है।


पंकज चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव ने हाल ही में तथाकथित 'पीडीए ऑडिट' जारी किया है। इसे देखकर मुझे हंसी भी आई और यूपी के उन लाखों युवाओं पर गर्व भी हुआ जिन्होंने सपा के शासनकाल को नकार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश जी को अब 'ऑडिट' शब्द से बड़ा लगाव हो गया है। शायद उन्हें लगता है कि अंग्रेजी का भारी शब्द बोलने से उनके कार्यकाल के काले कारनामे मिट जाएंगे।


भाजपा अध्यक्ष ने चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो अखिलेश यादव 2012 से 2017 के अपने कार्यकाल का 'भर्ती और परिवारवाद ऑडिट' जारी करके दिखाएं। उन्होंने 90 दिन में जातीय जनगणना कराने के अखिलेश के दावे पर भी सवाल उठाया। कहा कि अखिलेश जी मुख्यमंत्री रह चुके हैं, उन्हें कम से कम संविधान की बुनियादी समझ तो होनी चाहिए। जब वे 2012 से 2017 तक सत्ता में थे और केंद्र में यूपीए को समर्थन दे रहे थे, तब पिछड़ों और दलितों की गिनती याद क्यों नहीं आई। अब सत्ता हाथ से निकलने के बाद 90 दिन का झुनझुना लेकर युवाओं को गुमराह किया जा रहा है।


अखिलेश के 'लूट' वाले बयान पर पलटवार करते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि लूट शब्द उनके मुंह पर शोभा नहीं देता। उनके समय में यूपी लोक सेवा आयोग 'जाति विशेष सेवा आयोग' बन गया था। नौकरियां मेरिट पर नहीं बल्कि 'पर्ची-खर्ची' के आधार पर बंटती थीं। सर्वोच्च अदालत ने भी उस पर टिप्पणी की थी।


उन्होंने योगी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार में अब तक 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। पुलिस से लेकर शिक्षा विभाग तक हर भर्ती पारदर्शी है और आरक्षण के नियमों का पालन हो रहा है। सपा राज में जहां नौकरियां थानों और नेताओं के घरों से तय होती थीं, आज वे गरीब, पिछड़े और दलितों तक पहुंच रही हैं।


NFS और लेटरल एंट्री पर भी पंकज चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। उच्च शिक्षा और तकनीकी पदों पर नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार योग्यता के आधार पर होती हैं। भाजपा सरकार ने हमेशा वंचितों के हितों की रक्षा की है।


69,000 शिक्षक भर्ती पर उन्होंने कहा कि 90 दिन में समाधान का दावा करना आसान है, लेकिन इसकी पेचीदगियां सपा सरकार की नीतियों का नतीजा हैं। मामला अभी अदालत में है और भाजपा सरकार हर वर्ग को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।


पंकज चौधरी ने सपा के पीडीए समीकरण पर भी हमला बोला। कहा कि सपा का पीडीए मतलब परिवार, पार्टी और एक विशेष वोटबैंक है। जबकि भाजपा का पीडीए समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा गरीब है, जिसे मकान, राशन और सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि पीएम आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और मुफ्त राशन का सबसे ज्यादा लाभ पिछड़े, दलित और वंचित वर्ग को मिला है।


अंत में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब जातिवाद, तुष्टिकरण और दंगों के दौर से आगे निकल चुका है। यह नया यूपी विकास और सुशासन की भाषा समझता है। अखिलेश यादव का पाखंड अब जनता नहीं समझने वाली।

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