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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव का इंजतार बढ़ा, ओबीसी आयोग के गठन को मंजूरी...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Tue, 19 May 2026 04:15 PM
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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव मई माह के अंत में होने की संभावना थी, लेकिन अब यह संभव नहीं है। योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण का निर्धारण करने के लिए 'उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन को मंजूरी दे दी है।


आयोग अब अध्ययन करके छह माह में अपनी रिपोर्ट देगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए इस आयोग के गठन को मंजूरी दी गई है। आयोग की सिफारिशों के आधार पर ही आरक्षण तय होगा, इसलिए पंचायत चुनाव फिलहाल नहीं हो सकेगा।


सटीक अध्ययन के बाद ही आरक्षण

उत्तर प्रदेश सरकार की राज्य में पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने की मंशा है। सरकार चाहती है कि इस वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था पर्याप्त और सटीक अध्ययन के बाद ही लागू की जाए। इसी उद्देश्य से सरकार ने 'यूपी राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन को हरी झंडी दे दी है।


वैज्ञानिक आधार पर रिजर्वेशन

पंचायत चुनावों में आरक्षण किस आधार पर दिया जाए? आयोग इसको संवैधानिक कसौटी पर परखते हुए वैज्ञानिक आधार उपलब्ध कराएगा। आयोग प्रदेश में पिछड़े वर्गों की स्थिति, जनसंख्या, सामाजिक प्रतिनिधित्व और पंचायतों में भागीदारी का अध्ययन करेगा।

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