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उपेंद्र कुशवाहा का आरोप-विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को रोकने का किया काम...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Tue, 21 Apr 2026 02:39 PM
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पटना: राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला आरक्षण बिल, ओबीसी प्रतिनिधित्व और परिसीमन के मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रही थी, लेकिन विपक्ष ने इसे रोकने का काम किया।


उपेंद्र कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में एससी-एसटी वर्ग के लिए संविधान में आरक्षण की व्यवस्था है, लेकिन ओबीसी वर्ग के लिए इस तरह का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक जातीय जनगणना की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण लागू करना संभव नहीं है।


उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को आरक्षण देना देश की लंबे समय से चली आ रही मांग है और सरकार इसे लागू करने की दिशा में काम कर रही थी, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डाली, जो महिलाओं के साथ बड़ा अन्याय है।


परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पिछले 50 वर्षों से लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रही है। उन्होंने बताया कि 1976 में आपातकाल के दौरान कांग्रेस सरकार द्वारा परिसीमन की प्रक्रिया रोक दी गई थी, जिसका असर आज तक देखने को मिल रहा है।


कुशवाहा ने दावा किया कि अगर 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन होता, तो बिहार में लोकसभा सीटों की संख्या 40 से बढ़कर 60 हो सकती थी और विधानसभा सीटें 243 से बढ़कर 365 हो जातीं। इससे अधिक लोगों—खासकर महिलाओं—को राजनीति में प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता।


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