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दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब, CJI ने पूछा - क्या अभी भी मंत्री हैं?

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Tue, 16 Jun 2026 09:44 AM
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आरएलएम चीफ उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के मंत्री बने रहने पर सवाल खड़े हो गए हैं। बिना विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बने दोबारा मंत्री बनाए जाने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।


सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार समेत सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान पूछा, "क्या वह अभी मंत्री पद पर हैं?" याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि दीपक प्रकाश अभी भी बिहार सरकार में मंत्री हैं।


संवैधानिक प्रावधान पर उठे सवाल  

याचिका में कहा गया है कि दीपक प्रकाश न तो विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के। ऐसे में उन्हें मंत्री पद पर बनाए रखना संविधान के प्रावधानों के खिलाफ है। संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना सदन का सदस्य बने अधिकतम छह महीने तक ही मंत्री रह सकता है।


दीपक प्रकाश ने दूसरी बार 7 मई 2026 को मंत्री पद की शपथ ली थी। इसी आधार पर उनकी नियुक्ति को चुनौती दी गई है।


कोर्ट ने मांगा जवाब  

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस बी. मोहना की पीठ ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया है, लेकिन राज्य सरकार और अन्य पक्षों से जवाब तलब किया है। 


याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अगर छह महीने के भीतर दीपक प्रकाश सदन के सदस्य नहीं बनते हैं तो उनका मंत्री पद पर रहना संवैधानिक नहीं होगा। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर है, जिसका असर बिहार सरकार और दीपक प्रकाश के राजनीतिक भविष्य पर पड़ सकता है।

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