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शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने माना, नहीं है शिक्षकों का सही डेटा, युक्तिकरण शुरू

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Sat, 20 Jun 2026 01:14 PM
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बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। इस बार खुद शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके बयान ने विभाग की अव्यवस्था को उजागर कर दिया है।


मंत्री ने कहा कि विभाग के पास आज तक यह जानकारी ही नहीं है कि राज्य में किस विषय के कितने शिक्षक कार्यरत हैं और किस विषय में कितने पद खाली हैं। बिना वास्तविक आंकड़ों के ही शिक्षक बहाली चलती रही। इसका नतीजा यह हुआ कि कई स्कूलों में एक ही विषय के कई शिक्षक तैनात हो गए, जबकि हजारों स्कूलों में उस विषय का एक भी शिक्षक नहीं है।


उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी विषय के 9 हजार शिक्षक हैं और राज्य में 8 हजार स्कूल हैं तो हर स्कूल में कम से कम एक शिक्षक होना चाहिए। लेकिन हकीकत यह है कि 8 हजार में से करीब 7 हजार स्कूलों में उस विषय का एक भी शिक्षक नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि बाकी शिक्षक कहां पदस्थापित हैं।


युक्तिकरण में जुटा विभाग  

मंत्री ने बताया कि पदभार संभालने के बाद से ही विभागीय आंकड़ों को दुरुस्त करने और शिक्षकों के युक्तिकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले चार पांच दिनों में यह काम पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद ही TRE-4 की वैकेंसी जारी होगी।


उन्होंने साफ किया कि इस बार केवल उन्हीं विषयों में भर्ती होगी जहां शिक्षकों की कमी है। सरकार का मकसद सिर्फ नियुक्ति करना नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करना है। मंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से भी इस विषय पर चर्चा की है। उनका मानना है कि शिक्षक संतुष्ट रहेंगे तभी स्कूलों में पढ़ाई बेहतर होगी।


महिला शिक्षकों को मिलेगी राहत  

महिला शिक्षकों की समस्याओं पर भी सरकार गंभीर है। मंत्री ने कहा कि महिला शिक्षकों को यथासंभव उनके घर के नजदीक ही पदस्थापित किया जाएगा। इससे वे पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ बेहतर तरीके से पढ़ा सकेंगी।


मंत्री ने वर्तमान व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि अगर शिक्षकों की समस्याएं नहीं सुलझीं तो कुछ लोग स्कूल पहुंचकर सिर्फ फोटो खींचेंगे और पोर्टल पर अपलोड करके चले जाएंगे। इससे शिक्षा में सुधार नहीं होगा।


राज्य में TRE-4 भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह साफ हो गया है कि नई भर्ती से पहले सरकार विषयवार शिक्षकों की स्थिति और रिक्तियों का पूरा आकलन करेगी। मंत्री के बयान ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और बड़े प्रशासनिक बदलावों के संकेत दिए हैं।

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