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समस्तीपुर में पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट बदलाव पर विवाद, ग्रामीणों ने गडकरी को लिखा पत्र

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Mon, 15 Jun 2026 10:57 AM
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समस्तीपुर के सरायरंजन में बनने वाले पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूट बदलाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मूल अलाइनमेंट में बदलाव कर एक्सप्रेसवे को आबादी वाले इलाके की ओर मोड़ दिया गया है।


ग्रामीणों और व्यापारियों का आरोप है कि बदलाव के बाद 150 से अधिक घर, कई दुकानें और केदार संत रामाश्रय डिग्री कॉलेज प्रभावित हो सकते हैं। इसको लेकर दर्जनों लोगों ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर जांच की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि पहले एक्सप्रेसवे कम आबादी और कृषि क्षेत्र से गुजरने वाला था, लेकिन अब इसे घनी बस्ती की ओर मोड़ दिया गया है।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरायरंजन के विधायक और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए रूट बदलवाया। हालांकि विजय कुमार चौधरी ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी तरह का दबाव नहीं बनाया और अलाइनमेंट तय करना एनएचएआई का काम है।


विनीत ईश्वर उर्फ बॉबी ईश्वर ने भी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि नए रूट में उनकी भी करीब छह बीघा जमीन प्रभावित हो रही है। अगर प्रभाव का इस्तेमाल होता तो उनकी जमीन बच जाती।


एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि अधिसूचित अलाइनमेंट में बदलाव आसान नहीं होता। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और रिपोर्ट मंगवाई गई है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी मामला सड़क परिवहन मंत्रालय के सामने उठाने की बात कही है।


पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे करीब 245 किलोमीटर लंबी और 18 हजार करोड़ रुपये की परियोजना है। इससे पटना और पूर्णिया के बीच सफर का समय लगभग आधा होने की उम्मीद है। फिलहाल कई हिस्सों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।


स्थानीय लोग विकास का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन मांग कर रहे हैं कि आबादी वाले इलाकों को बचाकर वैकल्पिक रूट अपनाया जाए।

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