खोजें

सहेजे गए लेख

आपने अभी तक अपने बुकमार्क में कोई लेख नहीं जोड़ा है!

लेख ब्राउज़ करें
Newsletter image

न्यूज़लेटर की सदस्यता लें

नए पोस्ट, समाचार और सुझावों के बारे में सूचित होने के लिए 10k+ लोगों में शामिल हों।

चिंता न करें हम स्पैम नहीं करते!

GDPR अनुपालन

हम यह सुनिश्चित करने के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं कि आपको हमारी वेबसाइट पर सबसे अच्छा अनुभव मिले। हमारी साइट का उपयोग जारी रखकर, आप हमारे कुकीज़ के उपयोग, गोपनीयता नीति, और सेवा की शर्तें को स्वीकार करते हैं।

पंचायत से जिला तक सरकारी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, वेतन भी इसी से जुड़ेगा

Logo
माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Tue, 02 Jun 2026 10:30 AM
  • शेयर करें:

पटना: बिहार सरकार ने सरकारी कार्यालयों में समयपालन और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी है। यह व्यवस्था पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक लागू होगी।


सामान्य प्रशासन विभाग के 1 जून के आदेश के अनुसार, बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम यानी BBAS के जरिए ही हाजिरी दर्ज होगी। सरकार का उद्देश्य कर्मियों का समय पर आना सुनिश्चित करना, जवाबदेही बढ़ाना और सरकारी काम में पारदर्शिता लाना है।


आदेश में कहा गया है कि पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर पर कार्यरत सभी कर्मी BBAS के माध्यम से ही उपस्थिति दर्ज करेंगे। इससे हाजिरी का वास्तविक और डिजिटल रिकॉर्ड मिलेगा और मानवीय हस्तक्षेप की संभावना कम होगी।


सरकार ने स्पष्ट किया है कि वेतन भुगतान भी बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर होगा। समय पर न पहुंचने वाले कर्मचारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई, अवकाश समायोजन या वेतन कटौती हो सकती है। 


हर महीने कार्यालय प्रमुखों को कर्मचारियों की उपस्थिति का प्रिंटआउट तैयार कर देना होगा, ताकि विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा हो सके। जिन कार्यालयों में मशीन खराब हैं, उन्हें तुरंत ठीक कराने और जहां मशीन नहीं लगी हैं, वहां शीघ्र स्थापना करने के निर्देश दिए गए हैं। 


व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला स्तर पर नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति होगी। जिलाधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है।

इस विषय से संबंधित: