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ओमप्रकाश राजभर का दावा, 2027 से पहले सपा में बड़ा उलटफेर होगा

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Fri, 19 Jun 2026 12:08 PM
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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति, सपा में संभावित टूट और भ्रष्टाचार के आरोपों पर कई बड़े बयान दिए हैं। 


आईएएनएस से बातचीत में राजभर ने कहा कि पीएम मोदी दुनिया भर में शांति, सहयोग और व्यापार बढ़ाने का संदेश देते हैं। 32 देशों द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाना उनकी वैश्विक स्वीकार्यता का सबूत है। उन्होंने कहा कि मोदी का मानना है कि देशों के बीच आपसी व्यापार और सहयोग बढ़ना चाहिए। अगर किसी देश में ऐसी चीज बनती है जिसकी भारत को जरूरत है तो उसका आदान प्रदान होना चाहिए। युद्ध विकास में बाधा बनता है, इसलिए दुनिया में सौहार्द जरूरी है।


सपा में टूट का दावा  

समाजवादी पार्टी में टूट की अटकलों पर राजभर ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जांच तेज होने के बाद सपा नेताओं में बेचैनी बढ़ गई है। गोमती खन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ने से पार्टी में असहजता है।


राजभर ने दावा किया कि सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को उन नेताओं की सूची सौंपी है जो पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि 2027 का चुनाव तो छोड़िए, सदन शुरू होने से पहले ही खेल हो जाएगा। बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2047 तक समाजवादी पार्टी सत्ता में नहीं आएगी।


ट्रांसफर पोस्टिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों पर पलटवार  

अखिलेश यादव द्वारा प्रदेश सरकार पर ट्रांसफर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार के आरोपों पर राजभर ने कहा कि यह काम अधिकारियों के स्तर पर होता है, मंत्रियों के स्तर पर नहीं। उन्होंने आरोप लगाने वालों से कहा कि पहले अपनी संपत्ति और आय का स्रोत स्पष्ट करें। 


राजभर ने सवाल किया कि अगर खन घोटाला, लैपटॉप घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट में कोई गड़बड़ी नहीं हुई तो हजारों करोड़ की संपत्ति कहां से आई। उन्होंने चार्टर प्लेन से यात्रा करने के पैसे के स्रोत पर भी सवाल उठाया।


राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर उन्होंने कहा कि सवाल उठाने वालों को पहले अपने समाज में हुई घटनाओं का जवाब देना चाहिए। मऊ, बाराबंकी और प्रयागराज की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने सपा समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए।


परिसीमन और संविधान संशोधन पर राजभर ने कहा कि मानसून सत्र में केंद्र सरकार जो भी विधेयक लाएगी वह पास हो जाएगा। सरकार के पास समर्थन है और जनता विकास के साथ खड़ी है। 


राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विदेश जाकर भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। अगर विपक्ष को चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है तो उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

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