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MLC नामांकन में खुलासा: निशांत कुमार ने बीच में छोड़ी थी इंजीनियरिंग की पढ़ाई...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Wed, 10 Jun 2026 10:42 AM
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बिहार की राजनीति में इस समय मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता चर्चा में है। विधान परिषद चुनाव के लिए दाखिल शपथपत्र से सामने आया है कि उन्होंने इंजीनियरिंग का कोर्स पूरा नहीं किया।


निशांत कुमार ने 1998 में पटना के साइंस कॉलेज से इंटरमीडिएट पास किया। इसके बाद उन्होंने रांची के बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में दाखिला लिया।


दस्तावेजों के मुताबिक उन्होंने करीब ढाई साल तक पढ़ाई की। 8 सेमेस्टर के कोर्स में सिर्फ 5 सेमेस्टर तक ही अध्ययन किया और 2001 के आसपास संस्थान छोड़ दिया। इसके बाद किसी अन्य उच्च शिक्षा कार्यक्रम में नामांकन नहीं कराया।


लंबे समय से राजनीतिक हलकों में यह माना जाता रहा कि निशांत कुमार भी अपने पिता की तरह इंजीनियर हैं। लेकिन शपथपत्र में दी गई जानकारी से स्पष्ट हुआ है कि उन्होंने पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन डिग्री हासिल नहीं की।


इस खुलासे के बाद बयानबाजी तेज हो गई है। आरजेडी नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा है कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता जरूरी है। उनका कहना है कि चुनावी दस्तावेजों से कई पुराने दावों पर अब सवाल उठ रहे हैं।


वहीं जेडीयू से जुड़े लोग मानते हैं कि किसी नेता की क्षमता को सिर्फ डिग्री से नहीं आंका जा सकता। उनके अनुसार राजनीतिक भूमिका और काम का अनुभव ज्यादा मायने रखता है। निशांत कुमार ने इस साल जेडीयू की सदस्यता लेकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा है। इसके बाद उन्हें राज्य सरकार में स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी भी मिली है।


शपथपत्र में संपत्ति का भी विवरण दिया गया है। बैंक खाते और नकदी की राशि सीमित बताई गई है, लेकिन चल-अचल संपत्ति मिलाकर कुल संपत्ति करोड़ों में है। इसमें निवेश, बीमा पॉलिसी और पैतृक जमीन शामिल हैं। दस्तावेजों के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव नजदीक आने पर नेताओं की शिक्षा और संपत्ति से जुड़े मुद्दे और उछल सकते हैं। फिलहाल निशांत कुमार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर शुरू हुई बहस बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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