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MLC बनते ही पवन सिंह को मिलेंगी ये शक्तियां, बढ़ सकता है राजनीतिक कद...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Wed, 10 Jun 2026 11:31 AM
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भोजपुरी सिनेमा के 'पावर स्टार' पवन सिंह अब बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं। काराकाट से लोकसभा चुनाव हारने के बाद बीजेपी ने उन्हें विधान परिषद सदस्य यानी MLC बनाने का फैसला किया है। पवन सिंह ने MLC चुनाव के लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया है।


MLC यानी विधान परिषद सदस्य। बिहार उन राज्यों में शामिल है जहां दो सदनों की व्यवस्था है। विधानसभा के साथ-साथ विधान परिषद भी काम करती है। MLC सीधे जनता के वोट से नहीं चुने जाते, लेकिन कानून बनाने और नीतियों पर चर्चा में उनकी भूमिका अहम होती है।


विधान परिषद सदस्य बनने के बाद पवन सिंह को विधायक-MLC वाली तनख्वाह और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। वे बिहार में बनने वाले विधेयकों पर चर्चा कर सकेंगे, अपनी राय रख सकेंगे और सरकार को सुझाव दे सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें सदन में सरकार से सवाल पूछने का अधिकार मिलेगा। किसी भी विभाग की कार्यप्रणाली, योजनाओं और मुद्दों पर वे जवाब मांग सकते हैं।


विधायक का प्रभाव आमतौर पर उनके विधानसभा क्षेत्र तक सीमित रहता है, जबकि MLC पूरे राज्य में सक्रिय रह सकता है। ऐसे में पवन सिंह का राजनीतिक दायरा अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा।  


बिहार में MLC को मंत्री भी बनाया जा सकता है। नीतीश कुमार खुद MLC रहते हुए कई साल मुख्यमंत्री रहे हैं। ऐसे में भविष्य में पवन सिंह के लिए भी मंत्री पद का रास्ता खुल सकता है।

MLC बनने के बाद पवन सिंह विभिन्न विधानसभा और परिषद समितियों के सदस्य बन सकते हैं, जो सरकारी कामकाज की निगरानी करती हैं। साथ ही वे बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और किसानों से जुड़े मुद्दों को सीधे सदन में उठा सकेंगे।


मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत MLC को हर साल 4 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं की अनुशंसा करने का अधिकार मिलता है। वे सड़क, पुल, स्कूल, सामुदायिक भवन और पेयजल जैसी योजनाओं के लिए सुझाव दे सकते हैं। कार्यान्वयन संबंधित विभागों द्वारा किया जाता है।


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पवन सिंह का राजपूत समाज से जुड़ाव और भोजपुर, बक्सर, आरा, शाहाबाद क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता बीजेपी के लिए फायदेमंद हो सकती है। पार्टी उन्हें सिर्फ सेलिब्रिटी के तौर पर नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली सामाजिक-राजनीतिक चेहरे के रूप में देख रही है। भोजपुरी फिल्मों में उनकी लोकप्रियता और बड़ी फैन फॉलोइंग को देखते हुए आगामी चुनावों में बीजेपी उनके प्रभाव का राजनीतिक लाभ उठाना चाहेगी।

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