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इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त रुख, बाहुबलियों को जारी शस्त्र लाइसेंसों का पूरा रिकॉर्ड तलब...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Fri, 22 May 2026 12:25 PM
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प्रयागराज, उत्तर प्रदेश – इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में बाहुबलियों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को जारी शस्त्र लाइसेंसों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार और सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों से विस्तृत ब्यौरा मांगा है।


न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने संतकबीर नगर निवासी जयशंकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह, राजा भैया, धनंजय सिंह, सुशील सिंह, विनीत सिंह समेत 19 बाहुबलियों को जारी लाइसेंसों का पूरा रिकॉर्ड पेश करने को कहा है।


हाईकोर्ट ने शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को लाइसेंस देने और हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन जैसे मामलों पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने सरकार से लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया, नियमों और सुरक्षा पहलुओं पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।


सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे के अनुसार, प्रदेश में कुल 10,08,953 शस्त्र लाइसेंसधारी हैं। इनमें 6,062 ऐसे लोग हैं जिन पर दो या उससे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा 20,960 परिवारों के पास एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस हैं, जबकि 23,407 आवेदन अभी लंबित हैं।


कोर्ट ने जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड और लाइसेंस की स्थिति मांगी है, उनमें अब्बास अंसारी, बृजेश सिंह, खान मुबारक, अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही, संजय सिंह सिंगला, अतुल वर्मा, मोहम्मद साहब, सुधाकर सिंह, गुड्डू सिंह, अनूप सिंह, लल्लू यादव, बच्चू यादव और जुगनू वालिया शामिल हैं।


हाईकोर्ट ने गन कल्चर पर चिंता जताते हुए लाइसेंस के आवंटन, नवीनीकरण और नियमों की अनदेखी पर भी जवाब तलब किया है। साथ ही बाहुबलियों को दी गई सरकारी सुरक्षा का भी पूरा ब्यौरा मांगा गया है।


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