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हेमंत सोरेन ने स्कूली शिक्षा की समीक्षा की, शिक्षक नियुक्ति और सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस विस्तार पर दिए निर्देश

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Wed, 27 May 2026 12:37 PM
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की प्रगति समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग की योजनाओं, विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत संरचना और विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों को पारदर्शिता के साथ समय पर छात्रों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा और स्पष्ट किया कि शिक्षकों के शत-प्रतिशत पदों को भरना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में हजारों शिक्षकों की बहाली हुई है और रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी रहेगी।


हेमंत सोरेन ने कहा कि शिक्षा राज्य की आधारशिला है और सरकार का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में ड्रॉप आउट दर में कमी आई है और झारखंड इस मामले में राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है। अभियान चलाकर ड्रॉप आउट बच्चों का नामांकन कराया जा रहा है।


श्रम विभाग के साथ समन्वय कर उन बच्चों की पहचान की जा रही है जो मजदूरी या अन्य कार्यों के कारण शिक्षा से वंचित हैं। किताब, पठन-पाठन सामग्री और साइकिल का वितरण भी समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने खराब परिणाम वाले स्कूलों को चिह्नित कर शिक्षक, सुविधा और व्यवस्था में सुधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही सभी सरकारी स्कूलों में इंटरनेट और आईसीटी लैब की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा।


मुख्यमंत्री ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार करने की कार्ययोजना पर तेजी से काम करने को कहा, ताकि हर पंचायत तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंच सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अगले 6 से 8 महीने में कोई भी स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे न रहे। इसके लिए स्कूल प्रबंध समितियों के सहयोग से स्थानीय योग्य युवाओं, विशेषकर छात्राओं को शिक्षक के रूप में जोड़ा जाए।

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