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बिहार में 15 जुलाई से जमीन रजिस्ट्री होगी पूरी तरह पेपरलेस, मोबाइल पर मिलेगी डीड की PDF कॉपी...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Sat, 27 Jun 2026 12:03 PM
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पटना: बिहार में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। निबंधन विभाग 15 जुलाई से पूरे राज्य में पेपरलेस रजिस्ट्री की व्यवस्था लागू करने जा रहा है। विभाग ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।


नई व्यवस्था के तहत आवेदन से लेकर दस्तावेजों की जांच और रजिस्ट्री के बाद डीड की कॉपी मिलने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। रजिस्ट्री के लिए अब किसी भी तरह के ऑफलाइन दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदकों को सभी जरूरी जानकारी और कागजात ऑनलाइन ही अपलोड करने होंगे।


आवेदन से डीड तक पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन  

नए सिस्टम में आवेदक को रजिस्ट्री से जुड़ी सभी जानकारियां पोर्टल पर भरनी होंगी। आवश्यक दस्तावेज भी डिजिटल फॉर्मेट में अपलोड किए जाएंगे। इसके बाद दस्तावेजों की जांच और सत्यापन भी ऑनलाइन माध्यम से ही होगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे प्रक्रिया तेज और अधिक पारदर्शी होगी।


रजिस्ट्री के बाद तुरंत मोबाइल पर मिलेगा PDF  

रजिस्ट्री पूरी होते ही आवेदक को डीड की हार्ड कॉपी के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। निबंधन विभाग की ओर से पंजीकृत डीड का PDF लिंक सीधे आवेदक के मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा। इस डिजिटल कॉपी को डाउनलोड कर सुरक्षित रखा जा सकेगा।


सभी जिलों में ट्रायल रहा सफल  

विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने से पहले राज्य के सभी जिला निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस सिस्टम का ट्रायल किया था। ट्रायल सफल रहने के बाद अब 15 जुलाई से इसे पूरे बिहार में लागू किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि इससे कामकाज की गति बढ़ेगी और दस्तावेजों के रखरखाव की समस्या खत्म होगी।


आम लोगों को मिलेंगे ये फायदे  

पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से रजिस्ट्री कराने वालों को बार-बार दस्तावेजों की फोटो कॉपी जमा नहीं करनी पड़ेगी। ऑनलाइन आवेदन से समय बचेगा और कागजी प्रक्रिया कम होने से पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड होने से भविष्य में दस्तावेज खोजने और सत्यापन करने में भी आसानी होगी।

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