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बिहार कैबिनेट का फैसला: कौशल विकास मिशन में 19 नए पद मंजूर, CDPO भर्ती में BPSC को मिलेगी जिम्मेदारी...

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Thu, 04 Jun 2026 06:37 AM
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पटना: बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। 


राज्य मंत्रिमंडल ने बिहार कौशल विकास मिशन के सुचारू संचालन के लिए 19 नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। इन पदों पर सालाना 224.37 लाख रुपये खर्च होंगे। सरकार का कहना है कि इससे कौशल विकास कार्यक्रमों की निगरानी और संचालन में तेजी आएगी और युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया और मजबूत होगी।


कैबिनेट ने प्रशासनिक सुधारों की दिशा में बिहार सूचना प्रौद्योगिकी सेवा नियमावली 2026 और बिहार बाल विकास सेवा भर्ती एवं सेवा शर्त संशोधन नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी है। इन नियमों के लागू होने से संबंधित विभागों में नियुक्ति, पदोन्नति और सेवा शर्तें ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी होंगी।


कौशल विकास मिशन को मिलेगी मजबूती  

सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास योजनाओं पर लगातार जोर दे रही है। बढ़ते कार्यभार और कार्यक्रमों के विस्तार को देखते हुए 19 नए पदों के सृजन का फैसला लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे मिशन की कार्यक्षमता बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ ज्यादा युवाओं तक पहुंचेगा।


CDPO पदों पर होगी सीधी भर्ती  

बाल विकास सेवा नियमावली में भी बदलाव किया गया है। पहले CDPO के 25 फीसदी पद नियमित महिला सुपरवाइजरों के प्रमोशन से भरने का प्रावधान था, लेकिन नियमित सुपरवाइजरों की कमी के कारण कई पद खाली पड़े थे। इससे महिला एवं बाल विकास विभाग और ICDS की योजनाओं के संचालन में दिक्कत आ रही थी।


अब सरकार ने एक बार के लिए नियमों में छूट देते हुए इन रिक्त पदों को बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी नियुक्ति से भरने का निर्णय लिया है। इससे योग्य और प्रशिक्षित अधिकारियों की नियुक्ति हो सकेगी और आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण अभियान, मातृ-शिशु कल्याण जैसी योजनाओं का संचालन बेहतर होगा।


सरकार का मानना है कि इन फैसलों से प्रशासनिक व्यवस्था को नया स्वरूप मिलेगा। सूचना प्रौद्योगिकी सेवा नियमावली से डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं बाल विकास सेवा में बदलाव से रिक्तियों की समस्या दूर होगी। 


राज्य सरकार का उद्देश्य सुशासन, पारदर्शिता और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।

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