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भोजपुर एनकाउंटर पर बढ़ा सियासी बवाल, जेडीयू से लेकर जेएमएम तक सरकार पर हमलावर

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Sat, 20 Jun 2026 01:15 PM
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भोजपुर में सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के बाद बिहार से लेकर झारखंड तक सियासी घमासान छिड़ गया है। सरकार की सहयोगी जेडीयू ने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है तो विपक्ष भी हमलावर हो गया है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भरत तिवारी की तुलना भगत सिंह से की है जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बीजेपी सरकार को घेरा है।


आरा के बिलौटी गांव निवासी 30 वर्षीय भरत भूषण तिवारी को हाल ही में पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। इसके बाद सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। सत्ताधारी एनडीए में शामिल जेडीयू ने कहा है कि समय सीमा के भीतर दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो। सरकार में शामिल मंत्रियों ने भी इसे हत्या करार देते हुए कार्रवाई की मांग की है।


पप्पू यादव ने की भगत सिंह से तुलना  

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने एक्स पर लिखा कि भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला बताता है कि बीजेपी की सरकार से अंग्रेज सरकार अधिक न्यायप्रिय थी। अंग्रेजों ने भगत सिंह का एनकाउंटर नहीं किया था जब उन्होंने नेशनल असेंबली में बम फेंका था। भरत जी भी आज के भगत सिंह हैं। उन्होंने न्याय के लिए कुर्बानी दी है।


जेएमएम ने बोला हमला  

भरत तिवारी का मामला अब बिहार तक सीमित नहीं रहा। झारखंड की सत्ताधारी पार्टी जेएमएम ने भी बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। जेएमएम ने कहा कि भरत तिवारी बिहार में फैली अराजकता, भ्रष्टाचार और सत्ता संरक्षित अपराधों पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने व्यवस्था से जवाब मांगा लेकिन भाजपा ने जवाब नहीं दिया। 


पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने 57 पुलिसकर्मियों के बल पर उन्हें घेरकर हत्या कर दी। जो सवाल पूछेगा उसे चुप कराया जाएगा। जो भ्रष्टाचार उजागर करेगा उसे निशाना बनाया जाएगा। लोकतंत्र में असहमति का जवाब संवाद से दिया जाता है, दमन से नहीं।


जेएमएम ने कहा कि भरत तिवारी की हत्या सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं है। यह उस हर नागरिक के लिए संदेश है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलेगा। पार्टी ने झारखंड में हाल ही में हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि यहां भी जनप्रतिनिधि बिक गए लेकिन भाजपा के सिस्टम में कोई कार्रवाई नहीं हुई।


फिलहाल पूरे मामले पर सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है।

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