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भोजपुर एनकाउंटर की होगी न्यायिक जांच, सेवानिवृत्त जज करेंगे मामले की पड़ताल

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Sat, 20 Jun 2026 01:12 PM
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भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुई पुलिस मुठभेड़ पर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है।


सरकार ने कहा है कि जांच का मकसद घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना और जनता के मन में उठ रहे सवालों का निष्पक्ष जवाब देना है। जांच में पुलिस कार्रवाई, घटनास्थल की स्थिति, अधिकारियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की विस्तार से समीक्षा होगी।


17 जून को हुई थी मुठभेड़  

शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को पुलिस और भरत भूषण तिवारी के बीच मुठभेड़ हुई थी। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे थे। सोशल मीडिया और संगठनों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी। कुछ वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया। विपक्षी दल, सरकार के मंत्री और सामाजिक संगठन भी न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे।


सेवानिवृत्त जज करेंगे जांच  

सरकार के अनुसार उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को जांच की जिम्मेदारी दी जाएगी। जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों, प्रत्यक्षदर्शियों, ग्रामीणों और अन्य पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। घटनास्थल से जुड़े दस्तावेज, वीडियो फुटेज, कॉल डिटेल, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की भी जांच होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।


पारदर्शिता पर जोर  

सरकार ने कहा कि न्यायिक जांच का उद्देश्य संदेह दूर करना और जनता का भरोसा कायम रखना है। प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान सभी पक्षों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।


राजनीतिक हलकों में भी यह मामला चर्चा में है। कई नेताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग की थी। अब न्यायिक जांच के आदेश के बाद सभी की नजर रिपोर्ट पर टिकी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि संवेदनशील मामलों में न्यायिक जांच से लोगों का विश्वास बढ़ता है।


सरकारी सूत्रों के मुताबिक जल्द ही सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नाम की घोषणा हो सकती है। इसके बाद जांच शुरू होगी और तय समय सीमा में रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर अगर लापरवाही या अनियमितता मिली तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी।

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