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"अधिकारी खुद फोन उठाएं तो आधी समस्या खत्म हो जाए" - आईजी विकास वैभव

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Tue, 16 Jun 2026 08:04 AM
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मगध रेंज आईजी विकास वैभव का मानना है कि पुलिसिंग तभी असरदार होती है जब अधिकारी सीधे जनता से जुड़ें। उनके मुताबिक अगर अधिकारी खुद फोन उठाएं और शिकायतें सुनें तो आधी समस्याएं वहीं सुलझ जाती हैं।


भागलपुर, रोहतास और बगहा में इस तरीके से क्राइम कंट्रोल में सफलता मिलने के बाद अब वह गया में भी यही फॉर्मूला अपना रहे हैं। एक महीने में 5 हजार लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी हैं। लापरवाही बरतने पर 6 पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित भी किया गया है।


वैभव कहते हैं कि उनका लक्ष्य सिर्फ अपराध रोकना नहीं, बल्कि लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बनाना है। जब लोग बिना डर और सिफारिश के थाने आएंगे, तभी सही मायने में न्याय मिलेगा।


इसके लिए उन्होंने लोक संवाद गोष्ठी शुरू की है, जहां ट्रैफिक जाम, अवैध खन, तेज आवाज जैसी सामूहिक समस्याओं पर बात होती है। थानों में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है। एफआईआर न लिखना, वसूली और पक्षपात पर सख्त कार्रवाई हो रही है।


उनका कहना है कि 23 साल के अनुभव से यही सीखा है कि ईमानदारी और जनता से जुड़ाव से ही पुलिसिंग में बदलाव संभव है।

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