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5 देशरत्न मार्ग अब निशांत कुमार का ठिकाना, क्या जदयू में बढ़ने वाली है भूमिका?

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Wed, 17 Jun 2026 09:38 AM
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बिहार की राजनीति में इन दिनों एक सरकारी बंगले को लेकर चर्चा तेज है। मुख्यमंत्री आवास के बाद राज्य का सबसे अहम पता माने जाने वाले 5 देशरत्न मार्ग का बंगला अब स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को आवंटित कर दिया गया है। इसके बाद सियासी गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि क्या आने वाले समय में निशांत कुमार की जिम्मेदारी जदयू और सरकार में और बढ़ने वाली है।


सत्ता का दूसरा बड़ा केंद्र माना जाता है यह बंगला  

बिहार में 5 देशरत्न मार्ग का राजनीतिक महत्व हमेशा से रहा है। मुख्यमंत्री आवास के बाद इसे सत्ता का दूसरा बड़ा केंद्र माना जाता है। पिछले कई सालों में इस बंगले में ज्यादातर उपमुख्यमंत्री या सरकार के वरिष्ठ मंत्री ही रहे हैं। 


इस बंगले में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, तेजस्वी यादव, तारकिशोर प्रसाद और सम्राट चौधरी रह चुके हैं। इसी कारण हर बार इस आवास के आवंटन को राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जाता है।


बीजेपी का कहना है कि यह सामान्य फैसला है  

बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण का कहना है कि 5 देशरत्न मार्ग का बंगला आमतौर पर उपमुख्यमंत्री या वरिष्ठ मंत्री को दिया जाता है। अभी दोनों उपमुख्यमंत्री अपने पहले से आवंटित बंगले में ही रहना चाहते हैं। इसलिए यह बंगला स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह का राजनीतिक संदेश नहीं निकालना चाहिए।


राजनीतिक हलकों में बढ़ी अटकलें  

हालांकि चर्चा इसलिए तेज है क्योंकि निशांत कुमार न तो उपमुख्यमंत्री हैं और न ही सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में गिने जाते हैं। इसके बावजूद उन्हें इतना अहम बंगला मिलने से सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि क्या भविष्य में उन्हें सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। कुछ लोग इसे संभावित प्रमोशन का संकेत मान रहे हैं।


विजय चौधरी ने दी सफाई  

उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री बनने के बाद ही किसी बंगले को उपमुख्यमंत्री का आवास कहा जाता है। ऐसा नहीं है कि वहां सिर्फ उपमुख्यमंत्री ही रहते हैं। पहले भी कई मंत्री वहां रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार को मंत्री होने के नाते यह आवास मिला है और इसमें भ्रम की कोई बात नहीं है।


जदयू के अंदर चर्चा तेज  

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जदयू के कई नेता पहले से कहते आए हैं कि निशांत कुमार पार्टी का भविष्य हैं। ऐसे में उन्हें 5 देशरत्न मार्ग जैसा प्रतिष्ठित बंगला मिलने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि क्या पार्टी और सरकार दोनों में उनके लिए बड़ी भूमिका तैयार की जा रही है।


बिहार में सरकारी बंगलों के आवंटन को लेकर राजनीति कोई नई बात नहीं है। फिलहाल सरकार इसे सामान्य प्रशासनिक फैसला बता रही है, लेकिन निशांत कुमार के भविष्य को लेकर अटकलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

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