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10 सर्कुलर रोड खाली करने के नोटिस पर राबड़ी देवी का पलटवार, 'नीतीश खाली करें तो मैं भी कर दूंगी'

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI | Mon, 01 Jun 2026 12:47 PM
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पटना: पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विवाद गहरा गया है। भवन निर्माण विभाग की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को बंगला खाली करने का तीसरा नोटिस भेजा गया है, लेकिन राबड़ी देवी ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी हाल में आवास नहीं छोड़ेंगी।


राबड़ी देवी ने कहा, "सरकार चाहे जितना भी पुलिस बल तैनात कर दे, मैं यह आवास खाली नहीं करूंगी। सरकार को जो करना है कर ले।" उनके बयान के कुछ घंटे बाद पटना सचिवालय थाने की पुलिस और जिला प्रशासन की टीम आवास पहुंची। अधिकारियों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की और बंगला खाली करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी।


राबड़ी देवी ने पलटवार करते हुए कहा कि पहले पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सरकारी आवास खाली करना चाहिए। "वह खाली करेंगे तो मैं भी खाली कर दूंगी। 15 दिन का नोटिस सरकार नीतीश कुमार को भी दे," उन्होंने कहा।


सरकारी नियमों के मुताबिक, राबड़ी देवी 2016 से पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर 10 सर्कुलर रोड में रह रही हैं। नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद उन्हें 39 हार्डिंग रोड पर नया सरकारी आवास आवंटित किया गया है। वहीं 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला अब मंत्री नंद किशोर राम के नाम आवंटित हो चुका है।


इस विवाद के पीछे राजनीतिक गलियारों में 39 हार्डिंग रोड को लेकर एक अंधविश्वास की भी चर्चा है। कहा जाता है कि इस बंगले में रहने वाले नेताओं का राजनीतिक सफर ढलान पर चला जाता है। भूपेंद्र प्रसाद वर्मा, मदन मोहन झा, शमीम अहमद, चंद्रमोहन राय, विनोद नारायण झा और रामसूत राय जैसे नेताओं का उदाहरण देते हुए लोग मानते हैं कि इस आवास में रहने के बाद उनका करियर प्रभावित हुआ। बंगले में एक पुरानी मजार भी है, जिसे लेकर स्थानीय लोग इसे अशुभ मानते हैं।


इसी वजह से राबड़ी देवी का कहना है कि वह 39 हार्डिंग रोड नहीं जाना चाहतीं। 


वहीं इस मामले में राजद नेता तेज प्रताप यादव भी सामने आए। उन्होंने कहा कि पहले नीतीश कुमार का बंगला खाली कराया जाए। "राजनीति का एक मापदंड होता है, लेकिन यह मापदंड सिर्फ राबड़ी देवी के लिए क्यों? जीतनराम मांझी, संजय झा और देवेश चंद्र ठाकुर को भी पटना में बंगला मिला है। क्या सरकार में इनके बंगले से बेदखल करने की ताकत है?" तेज प्रताप ने सवाल उठाया।

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