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बिहार में फिर से शुरू होगा 'जनता दरबार', सम्राट चौधरी लाएंगे नीतीश कुमार का फॉर्मूला

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माई पीडीए समाचार
द्वारा संपादित : KAJAL TIWARI |
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पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की परंपरा लौटती नजर आ रही है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तर्ज पर “जनता दरबार” कार्यक्रम को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। इस पहल को सरकार और जनता के बीच दूरी कम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


नीतीश कुमार के कार्यकाल में “जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम काफी लोकप्रिय रहा था। इस मंच के जरिए आम लोग सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखते थे और मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहते थे।


सम्राट चौधरी भी इसी मॉडल को अपनाते हुए जनता दरबार लगाने की तैयारी में जुट गए हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने के लिए अधिकारियों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और इसकी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।


गुरुवार को उन्होंने सचिवालय पहुंचकर उस स्थान का निरीक्षण भी किया, जहां पहले जनता दरबार का आयोजन होता था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से यह जानकारी ली कि कार्यक्रम को फिर से शुरू करने में किन-किन व्यवस्थाओं की जरूरत होगी और इसे किस तरह प्रभावी बनाया जा सकता है।


सरकार का मानना है कि जनता दरबार के माध्यम से आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, जिससे न सिर्फ उनकी समस्याओं का जल्दी समाधान होगा बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी जवाबदेही तय होगी।

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